Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या राममंदिर परिसर के सप्त मंदिर 14 अप्रैल से खुलेंगे, सीमित संख्या में...

राममंदिर परिसर के सप्त मंदिर 14 अप्रैल से खुलेंगे, सीमित संख्या में होंगे दर्शन

0

अयोध्या। भव्य राममंदिर परिसर में स्थित सप्त मंदिरों के दर्शन 14 अप्रैल से प्रारम्भ होने जा रहे हैं। प्रारंभिक चरण में श्रद्धालुओं को सीमित संख्या में इन मंदिरों के दर्शन की अनुमति दी जाएगी। मुख्य मंदिर के चारों ओर निर्मित इन सप्त मंदिरों में महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, भगवान श्रीराम के सखा निषादराज गुह तथा माता शबरी के मंदिर शामिल हैं।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्र की अगुवाई में शुक्रवार को पत्रकारों को मंदिर परिसर के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण कराया गया। उन्होंने बताया कि सप्त मंदिरों में दर्शन व्यवस्था प्रारम्भ करने का अंतिम निर्णय ट्रस्ट द्वारा लिया जाएगा। परिसर में रामलला के पुराने फाइबर गर्भगृह को भी संरक्षित किया गया है, जहां 11 अप्रैल को अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि रामभक्तों के 500 वर्षों के संघर्ष की स्मृति में बनाए जा रहे स्मारक का कार्य अंतिम चरण में है। इसका ढांचा तैयार हो चुका है और इस पर ग्रेनाइट का कार्य चल रहा है। साथ ही अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त तीसरे यात्री सुविधा केंद्र को हैंडओवर कर दिया गया है। परिसर के 19 अन्य निर्माण कार्य भी शीघ्र ही ट्रस्ट को सौंपे जाएंगे। अब तक मंदिर निर्माण पर लगभग 1800 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। सप्त मंदिरों में से चार पर ध्वजारोहण हो चुका है, जबकि शेष मंदिरों पर जल्द ही ध्वजारोहण किया जाएगा। शिव मंदिर के ध्वजारोहण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया गया है।


गोलीकांड पर नृपेन्द्र मिश्र का बयान


पत्रकारों से बातचीत में नृपेन्द्र मिश्र ने कारसेवकों पर हुए गोलीकांड के संदर्भ में कहा कि ऐसे निर्णयों में लगभग 90 प्रतिशत भूमिका राजनीतिक होती है, जबकि 10 प्रतिशत प्रशासनिक। उन्होंने वर्ष 1992 के बाबरी ढांचा विध्वंस के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के उस निर्णय का उल्लेख किया, जिसमें गोली न चलाने का फैसला लिया गया था।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version