अयोध्या। प्रदेश के कृषि मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती यूपीए और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने पर्याप्त संख्या में चिकित्सक तैयार करने की दिशा में ठोस प्रयास नहीं किए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और आम जनता को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जिला अस्पताल और श्रीराम अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था और मरीजों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मरीजों ने उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने श्रीराम अस्पताल में जगह की कमी का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को टीबी मरीजों और बच्चों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन से कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अयोध्या में 300 बेड के नए अस्पताल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिसके पूरा होने पर स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।
चिकित्सकों की कमी के संबंध में पूछे गए सवाल पर सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि एक डॉक्टर तैयार होने में लगभग सात वर्ष का समय लगता है, जबकि सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई में ढाई से तीन वर्ष और लग जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्षों की उपेक्षा के कारण पैदा हुई कमी को दूर करने के लिए सरकार दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है। प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे भविष्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि योगी सरकार गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों को बेहतर एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पतालों में स्वच्छता, दवा की उपलब्धता और उपचार व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए तथा मरीजों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान अयोध्या सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा चिकित्सक भी मौजूद रहे।