जलालपुर, अंबेडकर नगर। जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग की जातिवार गणना कराए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ओबीसी मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर ओबीसी की आबादी की वैज्ञानिक, सटीक और विश्वसनीय गणना के लिए मानकीकृत कोड आधारित व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की।
तहसील संयोजक घनश्याम ने कहा कि जनगणना-2027 में जातिवार गणना का निर्णय समावेशी नीति निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, पहले चरण में ओबीसी का आंकड़ा दर्ज नहीं किए जाने से समाज में असंतोष है। उन्होंने कहा कि जाति आधारित आंकड़ों के लिए खुले कॉलम की व्यवस्था से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए सभी जातियों की गणना के लिए समान, वैज्ञानिक और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
मोर्चा पदाधिकारियों ने ओबीसी के लिए एससी-एसटी की तर्ज पर अलग प्रावधान करने, राज्यवार आधिकारिक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार करने और प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड आवंटित करने की मांग की। साथ ही खुले कॉलम के स्थान पर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली लागू करने तथा जातिगत आंकड़ों के संग्रह, सत्यापन और संकलन की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने पर जोर दिया।
पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो दो सितंबर से राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस दौरान एजाज हुसैन, रामकृपाल, विभूति नारायण, मनोरम यादव, देवेंद्र मौर्य, शौकीलाल समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।