अयोध्या। मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक आहूत की। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
सीडीओ ने निर्देश दिए कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण वाटिका और वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) के कार्य 15 दिनों के भीतर पूर्ण कराए जाएं, जबकि बाला पेंटिंग का कार्य एक माह में हर हाल में पूरा हो। आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, पेयजल, शौचालय और लर्निंग लैब से जुड़े अधूरे कार्यों को भी तय समय में पूरा कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में चयनित 119 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 28 अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, जिनके निर्माण कार्य तुरंत शुरू कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारियों को दिए गए। पोषण पुनर्वास केंद्रों (NRC) की समीक्षा करते हुए सीएमओ को 22 अप्रैल को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी सख्ती से निगरानी करने को कहा गया।
नॉन-कोलोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर गैस, बर्तन और कुकर की स्थिति की समीक्षा करते हुए गैस रीफिलिंग और 5 लीटर कुकर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को भी कहा गया। निजी भवनों में चल रहे केंद्रों को प्राथमिक विद्यालयों या अन्य सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया।
‘संभव अभियान’ (1 जुलाई से 30 सितम्बर 2025) को लेकर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत 0 से 6 माह के बच्चों और गंभीर कुपोषित (सैम) बच्चों के पोषण और इलाज पर विशेष फोकस रहेगा। इससे जुड़ी जानकारियां पोषण ट्रैकर और ई-कवच पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज की जाएंगी।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, बीएसए, सभी खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।