अम्बेडकर नगर। टांडा तहसील क्षेत्र के अमेदा बभनपुरा गांव में उस समय कोहराम मच गया जब मुंबई में कार्यरत दो सगे भाइयों की असमय मृत्यु की खबर गांव पहुंची। मंगलवार को जब दोनों युवकों के शव गांव लाए गए, तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवारजन रो-रोकर बेसुध हो गए, वहीं गांव के हर व्यक्ति की आंखें नम थीं।
जानकारी के अनुसार, शिवराम तिवारी के तीन बेटों में से आलोक तिवारी और अभिषेक तिवारी बेहद कठिन परिस्थितियों में पले-बढ़े थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दोनों भाइयों ने मुंबई जाकर लिफ्ट मरम्मत का कार्य करना शुरू किया। मेहनत और ईमानदारी से कमाई कर उन्होंने हाल ही में अपने कच्चे मकान को पक्का बनवाया था और परिवार एक सामान्य जीवन जी रहा था।
परंतु किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। बताया जाता है कि बड़े भाई आलोक की लिफ्ट मरम्मत के दौरान लिफ्ट के गिरने से मौत हो गई। जब यह खबर छोटे भाई अभिषेक को मिली, तो वह गहरे सदमे में चला गया। उसने परिजनों को वॉइस कॉल के माध्यम से सूचना दी कि भइया अब नहीं रहे, और इसके तुरंत बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई, जो बाद में सच साबित हुई अभिषेक ने ट्रेन से कटकर जान दे दी।
मंगलवार को जब दोनों भाइयों के पार्थिव शरीर गांव पहुंचे, तो पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। अंतिम दर्शन को भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए और हर किसी की आंखें इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर भर आईं। दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार टांडा के महादेवा घाट पर किया गया ।
यह दर्दनाक हादसा न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरा आघात है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सहारा देने की मांग की है ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें।