◆ कृषि विश्वविद्यालय में विकास कार्यों का ‘हवा-हवाई’ सच
@ विनोद तिवारी
अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में नैक मूल्यांकन के बाद मिले वित्तीय सहयोग के उपयोग पर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जिस अत्याधुनिक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की घोषणा की गई थी, वह अब तक धरातल पर नजर नहीं आया है।
27 वें दीक्षांत समारोह में कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय परिसर में रियल टाइम एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन लगाए जाने की बात कही थी। उन्होंने यह भी बताया था कि इसका उद्घाटन प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किया है। यह घोषणा राज्यपाल व कुलाधिपति की मौजूदगी में की गई थी।
हालांकि, दीक्षांत समारोह के कई महीनों बाद भी विश्वविद्यालय परिसर में ऐसा कोई स्टेशन दिखाई नहीं दे रहा है। अधिकारी और कर्मचारी भी यह नहीं बता पा रहे हैं कि यह स्टेशन कहां स्थापित किया गया है।
मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीताराम मिश्रा ने बताया कि एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना अभी होनी है। मशीन विश्वविद्यालय को अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। डेयरी के पास जगह चिन्हित की जानी है।
ऐसे में दीक्षांत समारोह में की गई घोषणा और हकीकत में बड़ा अंतर सामने आया है। लोगों का कहना है कि अगर स्टेशन लगा ही नहीं, तो उद्घाटन किसका हुआ। इस मामले ने विश्वविद्यालय में विकास कार्यों और धन खर्च की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।