अंबेडकर नगर। बहुचर्चित सुभाष सिंह हत्याकांड में लगभग 15 वर्ष बाद शुक्रवार को अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। जनपद न्यायाधीश चन्द्रोदय कुमार ने साक्ष्यों के अभाव के चलते मुख्य आरोपित अजय सिंह उर्फ सिपाही सहित कुल पांचों आरोपियों को बरी कर दिया।
गौरतलब है कि वर्ष 2010 में महरुआ–अकबरपुर मार्ग पर स्थित पेट्रोल पंप के पास भीटी ब्लॉक के पूर्व प्रमुख सुभाष सिंह की गोली मारकर सनसनीखेज हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने जिले की राजनीति और प्रशासन दोनों को हिला दिया था। हत्या के बाद महरुआ थाने में अजय सिंह सिपाही सहित कई नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज हुआ था, जो तब से न्यायालय में विचाराधीन था।
करीब एक दशक से अधिक समय से चल रही सुनवाई के बाद न्यायालय ने शुक्रवार को अपना निर्णय सुनाया। फैसला सुनाए जाने के दौरान जनपद न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। सुबह से ही पुलिस बल सतर्कता के साथ मौजूद रहा।
अदालत द्वारा सभी आरोपियों के बरी किए जाने के फैसले के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय स्तर पर लोग इस फैसले को लेकर तरह–तरह की प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कर रहे हैं।