बसखारी अंबेडकर नगर। श्रावण मास की पूर्णिमा के अवसर पर श्रवणी पूजा का भव्य आयोजन लंगड़तीर सरयू नदी के तट पर किया गया।राम जानकी मंदिर के निकट आचार्यों ने 151 कर्मकांडी ब्राह्मणों का 21 प्रकार के औषधि युक्त जल से स्नान कराया। स्नान के बाद विधि विधान से पूजन अर्चन के पश्चात पित्रों का तर्पण किया गया । लंगड़तीर घाट पर आम श्रद्धालुओं ने भी पहुंचकर पूजा अर्चना किया। आचार्य उमाशिव ने बताया श्रावणी पूजा को लेकर कथा प्रचलित है कि इसे अयोध्या के राजा दशरथ ने शुरू किया था। जब शिकार समझकर उनके द्वारा छोड़े गए बाण से श्रवण कुमार की मृत्यु हो जाती है। अज्ञानता में किए गए अपने अपराध के लिए राजा दशरथ श्रवण कुमार के माता-पिता से क्षमा मांगते हैं। इसके बाद अपराध के समन हेतु विद्वानों के मार्गदर्शन में श्रावणी पूजा का कराते है। मान्यता है कि इस पूजा को करने से मनुष्य के द्वारा जाने अंजाने हुए पापों से मुक्ति मिलती है। लंगड़तीर घाट पर आचार्य उमाशिव पांडेय सहायक आचार्य पवन तिवारी व व्यवस्थापक सुशील तिवारी के देखरेख में पूजा संपन्न हुआ। स्नान के साथ ही उपनयन संस्कार व पंचांग पूजन कराया गया। आयोजन को सफल बनाने में ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र मोहन उर्फ संजय सिंह के प्रतिनिधि के सी सिंह मंगला प्रसाद मिश्रा बलराम मिश्रा ने विशेष सहयोग प्रदान किया।अंत में मन्दिर के पुजारी बाबा धाकड़ दास ने सबको आशीर्वाद प्रदान किया।