पूराबाजार, अयोध्या। सदर क्षेत्र में बाढ़ की दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाने वाले मांझा मूड़ाडीहा फैजाबाद सहित मांझा सुलेमपुर में बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई कि मांझा मूड़ाडीहा एवं मांझा सलेमपुर के 61 घर पूरा डूब जाने से बेघर हो गए। लोगों के पास न छत बची और न ही बिछौना , ऐसे व्यथित परिवारों के लिए तीज त्यौहार तो सब कुछ फीके लग रहे थे । इन परिवारों के चेहरों पर मायूसी के बादल मंडरा रहे थे। दशरथ समाधि – अयोध्या के बिल्वहरिघाट बन्धे पर शरण लेकर रह रहे ऐसे परिवारों के बीच अपना त्यौहार छोड़ ब्लाक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष शिवेन्द्र सिंह ने रक्षासूत्र ,मिठाई और नकदी उपहार का लिफाफा प्रदान कर उन्हें रक्षाबंधन पर्व की खुशियां बांटी। ऐसे में परिवार के सारे मुरझाए चेहरे खिल उठे ।
बाढ़ में अपना अपना आशियाना गंवा चुके पीड़ितों ने सुरक्षित बन्धे पर अपना अस्थायी प्लास्टिक पन्नी के घर में जीवन बीता रहे थे कि इस संकट की घड़ी में शिवेन्द्र सिंह द्वारा प्रदत आर्थिक मदद से वहाँ विस्थापित परिवारों किया। गरीब बहनों ने खुशी पूर्वक अपने अपने भाइयों के कलाई पर राखी बांध कर उन्हें मिठाई खिलाई बदले में भाइयों ने आर्थिक उपहार भी दिया । गरीबी , और अभावों में जीवन बिता रहे पीड़ित परिवारों की कुमारी सीमा , कुशुमलता , रेखा , संध्या , सुमन ,पार्वती , रचना , दिव्यारानी ,
पूजा, मन्जू , सुप्रिया , शिवानी , संगीता , गीता , सीता , लक्ष्मी , दुर्गावती , वंदना , रंजना , हेमा , तथा महेश , सुरेश , दिनेश , रामशंकर , अनिल , सुमेरे , प्रहलाद , मंगल एवं ललित मांझी आदि ने बताया कि अभावों के चलते इस बार रक्षाबंधन का त्यौहार मनाना दिवा स्वप्न सा लग रहा था , परन्तु अपना त्यौहार नज़र अंदाज कर ब्लाक प्रमुख संघ के जिलाध्यक्ष शिवेन्द्र सिंह ने कैंप कर रहे लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक को लेकर मिष्ठान , रक्षासूत्र और नकदी सहायता लेकर पहुंचे और सबके बीच बैठकर मठाई खिलाई और खुद खा कर यादगार त्यौहार मनाया । इस अवसर पर शिवेन्द्र सिंह ने कहा कि किसी भी हालात में गरीबों के कोई भी त्योहार में आर्थिक कठिनाई बाधा नहीं बनने दूंगा ।