जलालपुर, अंबेडकरनगर। एक ओर पुलिस को जनता की मित्र और सुरक्षा की प्रहरी कहा जाता है, वहीं जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस पर एक युवक के साथ कथित तौर पर बर्बरतापूर्ण मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित का आरोप है कि विवाद की सूचना पर पहुंची पुलिस उसे थाने ले जा रही थी। रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उससे मामले को रफा-दफा करने के नाम पर रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर उसे थाने लाकर कमरे में बंद कर बेरहमी से पीटा गया। बाद में उसका शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया गया। घटना की चर्चा क्षेत्र में तेजी से फैल रही है, जबकि पीड़ित परिवार पुलिस की कार्रवाई को लेकर सहमा हुआ है।
जानकारी के अनुसार जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के जीवत खुर्रम अली (मधईपुर) निवासी संदीप यादव के साथ हुई है। बीते 22 सितम्बर को बच्चों के विवाद को लेकर कुछ लोगों से झगड़ा हो गया था। पीड़ित के मुताबिक घटना की सूचना पुलिस के पीआरबी को दी गई थी। सूचना पर पहुंची पीआरबी पुलिस संदीप को थाने ले जा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान अशरफपुर मजगवां के पास जलालपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक दिलेश सरोज और सिपाही सौरभ ने उसे पुलिस वाहन में बैठा लिया।
पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मामले को रफा-दफा करने के नाम पर उससे रुपये की मांग की। रुपये देने से इनकार करने पर पुलिसकर्मी नाराज हो गए और उसे थाने ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। आरोप है कि वहां उसके शरीर के पिछले हिस्से पर लाठी-डंडे से बुरी तरह पिटाई की गई। पीड़ित के अनुसार मारपीट से शरीर का पिछला हिस्सा लाल पड़ गया। इसके बाद पुलिस ने उसका शांति भंग की धाराओं में चालान कर दिया।
घटना के बाद से पीड़ित और उसका परिवार कथित पुलिस कार्रवाई से भयभीत है। परिवार का कहना है कि पुलिस के खिलाफ शिकायत करने में भी उन्हें डर लग रहा है। हालांकि पुलिस पर लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी जलालपुर अनूप कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह पिछले दो दिनों से बाहर हैं और उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।