जलालपुर अम्बेडकरनगर– तहसील जलालपुर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस एक बार फिर केवल औपचारिकता बनकर रह गया। जनसमस्याओं के निस्तारण हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों की अनुपस्थिति से फरियादी मायूस होकर लौटने को मजबूर हुए।
तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस कार्यक्रम में नायब तहसीलदार हरिराम और कुछ कर्मचारियों को छोड़कर न तो उपजिलाधिकारी राहुल गुप्ता पहुंचे और न ही तहसीलदार सहित अन्य विभागीय अधिकारी। इससे समाधान दिवस की पूरी कार्यवाही लगभग ठप हो गई।
लोगों की उम्मीदों को झटका
दूर-दराज से समस्याएं लेकर पहुंचे दर्जनों फरियादी घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकारियों की गैरमौजूदगी से उन्हें निराशा हाथ लगी। फरियादी शनी चौहान और विकास ने सवाल उठाया कि जब अधिकारियों के पास जनता की समस्याएं सुनने का समय नहीं है, तो ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन क्यों किया जाता है।
कर्मचारियों की भी बेरुखी
कार्यक्रम की शुरुआत में मौजूद रहे कुछ कर्मचारी भी अधिकारियों की गैरहाजिरी को देखते हुए धीरे-धीरे कार्यक्रम स्थल से गायब होते गए। इससे कार्यक्रम की गंभीरता और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि अनुपस्थित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो।
उपजिलाधिकारी ने दी सफाई
इस संबंध में जब उपजिलाधिकारी राहुल गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह जज की प्रोटोकॉल ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण समाधान दिवस में शामिल नहीं हो सके।