अयोध्या। बच्चों और किशोरों में मानसिक एवं व्यवहार संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और उनके उचित प्रबंधन में अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से मिलिट्री हॉस्पिटल अयोध्या की ओर से डोगरा रेजिमेंट सेंटर के अवध ऑडिटोरियम में सैन्य परिवारों के लिए हेल्दी पैरेंटिंग प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण सत्र में बच्चों और किशोरों में होने वाली भावनात्मक एवं व्यवहार संबंधी समस्याओं के शुरुआती संकेतों और लक्षणों की पहचान करने के तरीके बताए गए। साथ ही अभिभावकों को फैमिली फर्स्ट एड, बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने की जानकारी दी गई।
सत्र में बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार एक तिहाई मानसिक विकारों की शुरुआत 14 वर्ष की आयु तक, आधे की 18 वर्ष और दो तिहाई की 25 वर्ष की आयु तक हो जाती है। इसके बावजूद अज्ञानता, सामाजिक संकोच, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक और अंधविश्वास के कारण बड़ी संख्या में लोग समय पर उपचार नहीं ले पाते हैं।
प्रशिक्षक एवं जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने बताया कि आवेग, अपराधबोध, हताशा, पढ़ाई एवं करियर का तनाव, अभिभावकों का दबाव, रिश्तों में टकराव, गेमिंग की लत, चिंता, ओसीडी, मूड डिसऑर्डर, खानपान और नींद संबंधी समस्याएं बच्चों एवं युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि पैरेंटिंग प्रशिक्षण से अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार को बेहतर ढंग से समझने और उनकी समस्याओं के प्रबंधन में मदद मिलेगी। इससे अभिभावकों और बच्चों, दोनों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि संस्थानों में मेंटल हेल्थ क्लब सक्रिय किए जाएंगे। इनके माध्यम से प्रशिक्षित अभिभावक और शिक्षक विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरक की भूमिका निभाएंगे।