अयोध्या। अयोध्या से गुजरने वाले दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों एनएच-27 (रामसनेही घाट से गोरखपुर) और एनएच-330ए (जगदीशपुर से अयोध्या) पर यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा नई डिजिटल व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इन पहलों का उद्देश्य यात्रियों को आवश्यक जानकारी, सुरक्षित यात्रा और डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराना है।
राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड युक्त साइनबोर्ड लगाए गए हैं। ये बोर्ड टोल प्लाजा, विश्राम स्थल, ट्रक पार्किंग, वेजसाइड एमेनिटी तथा हाईवे के प्रारंभ और समाप्ति बिंदुओं पर स्थापित किए गए हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर यात्रियों को राष्ट्रीय राजमार्ग का नंबर, चेनेज, परियोजना की लंबाई, निर्माण व रखरखाव अवधि, संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर, आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 और आसपास उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिल सकेगी।
टोल प्लाजा पर भुगतान व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए डायनेमिक क्यूआर कोड सिस्टम लागू किया गया है। जिन वाहनों के पास फास्टैग नहीं है, वे टोल बूथ पर लगे 18 इंच के टीएफटी/एलईडी मॉनिटर पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन कर यूपीआई के माध्यम से टोल शुल्क का भुगतान कर सकेंगे। यूपीआई से भुगतान करने पर सामान्य फास्टैग शुल्क की तुलना में 1.25 गुना शुल्क देना होगा।
इसके साथ ही एनएच-27 और एनएच-330ए पर विशेष रोड मार्किंग भी कराई गई है। इन मार्किंग्स के माध्यम से लेन अनुशासन, गति सीमा, ओवरटेकिंग नियम और अन्य यातायात संकेत स्पष्ट किए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को मार्ग पर आवश्यक दिशा-निर्देश मिल सकें।
एनएचएआई, पीआईयू अयोध्या के परियोजना निदेशक अवनीत सिद्धार्थ के अनुसार, इन व्यवस्थाओं से अयोध्या आने-जाने वाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान आवश्यक जानकारी और भुगतान में सुविधा मिलेगी।