अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक भवन सभागार में गुरुवार को कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कार्य परिषद की बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यवृत्तों और प्रस्तावों के अनुमोदन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में आवासीय परिसर के गणित एवं सांख्यिकी विभाग में संचालित एमएससी गणित (सांख्यिकी) पाठ्यक्रम के स्थान पर एमएससी गणित पाठ्यक्रम संचालित किए जाने को संसूचित किया गया। इसके अलावा सत्र 2026–27 से प्रारंभ होने वाले नए पाठ्यक्रमों के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इनमें एम फार्म, एमएससी केमिस्ट्री, एमएससी प्राणि विज्ञान, एमएससी वनस्पति विज्ञान, इंटीग्रेटेड एम टेक (कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग), इंटीग्रेटेड एमसीए एवं एम कॉम विषय शामिल हैं।
बैठक में नैक मूल्यांकन के दृष्टिगत प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति, पाठ्यक्रमों में पीओएस, सीओ, पीएसओ को शामिल किए जाने, फीडबैक मैकेनिज्म, कोलैबोरेटिव लर्निंग तथा लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करने के प्रस्तावों पर भी अनुमोदन हेतु विचार किया गया।
इसके साथ ही वित्त समिति, विद्या परिषद एवं परीक्षा समिति के प्रमुख बिंदुओं को परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बैठक में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 300 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाए जाने की जानकारी भी संसूचित की गई।
बैठक में कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल सहित प्रो. राम प्यारे (सीएसए कानपुर), प्रो. एससी विमल, प्रो. एपी सिंह, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. आरके यादव, डॉ. अभिषेक कुमार सिंह सहित अनेक विशिष्ट शिक्षाविद ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।