अंबेडकर नगर। कटेहरी ब्लॉक स्थित देव इंद्रावती महाविद्यालय में मिशन शक्ति फेज-2 के तहत विशाखा गाइडलाइन विषय पर व्याख्यान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बीरबल शर्मा ने कहा कि मिशन शक्ति भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक एकीकृत महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को एक मंच पर लाकर उन्हें मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक लागू यह योजना नारी संबल का प्रतीक है।
डॉ. नीता मिश्रा ने मिशन शक्ति के प्रमुख घटकों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसके अंतर्गत दो उप-योजनाएं ‘संबल’ और ‘सामर्थ्य’ संचालित हैं। ‘संबल’ के तहत वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्पलाइन और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं शामिल हैं, जबकि ‘सामर्थ्य’ में उज्ज्वला योजना, स्वाधार गृह, कामकाजी महिला छात्रावास, राष्ट्रीय क्रेच योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित हैं।
डॉ. अमित पाण्डेय ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज में समान अधिकार दिलाना है, साथ ही किसी भी प्रकार की हिंसा से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं सुधीर पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार भी मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा दे रही है।
शिल्पी ने विशाखा गाइडलाइन पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्ष 1997 में इसकी शुरुआत हुई थी।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय भागीदारी की और महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।