अयोध्या। अयोध्या तीर्थपुरोहित समाज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी से आवास स्थित तीन कलश तिवारी मंदिर में मुलाकात कर घाटों पर कार्यरत तीर्थपुरोहितों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने तीर्थपुरोहितों के पंजीकरण, पहचानपत्र जारी करने तथा घाटों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि नगर निगम की ओर से तीर्थपुरोहितों का विधिवत पंजीकरण कराया जाएगा और उन्हें पहचानपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि घाटों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाएगी तथा तीर्थपुरोहितों के बैठने के लिए छाजन के रूप में छतरियों की व्यवस्था भी कराई जाएगी, ताकि उन्हें धूप और बारिश से राहत मिल सके।
उन्होंने तीर्थपुरोहितों से श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि घाटों पर अपनी गद्दियां निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित ढंग से लगाएं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि अयोध्या की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम और तीर्थपुरोहित समाज के बीच समन्वय आवश्यक है।
बैठक में नगर निगम के जोनल अधिकारी ज्वाला प्रसाद भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में नंदकुमार मिश्र उर्फ बर्फी महाराज, दुर्गा प्रसाद पांडे, राजेश पांडे, बल्लभपीठ पांडे, राजू पांडे, लल्लू पांडे, जोगेंद्र प्रसाद, दयासिंधु पांडेय, बुच्चन महाराज, रामनाथ पांडे, राजकुमार पांडे सहित अन्य तीर्थपुरोहित शामिल रहे।