◆ रेलवे क्रॉसिंग पर अतिरिक्त सतर्कता, पुलिस बल 24 घंटे निगरानी में रहेगा
◆ खोया-पाया केंद्र बनेंगे श्रद्धालुओं के मददगार, पांच स्थानों पर स्थापित कैंप
अयोध्या। प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग को 5 जोन और 32 सेक्टरों में विभाजित किया है। जिसमें मजिस्ट्रेटों व पुलिस के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गयी है। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि परिक्रमा मार्ग पर करीब 80 मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें सुपर जोनल, सब जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट शामिल हैं। ये सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा, आपात स्थिति से निपटने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय रहेंगे।
उन्होंने बताया कि राम की पैड़ी स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में मेला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। इस नियंत्रण कक्ष में छह वरिष्ठ अधिकारी तथा तीन सहयोगी अधिकारी तैनात किए गए हैं। सभी अधिकारी तीन शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे ताकि मेले की निगरानी और समन्वय में कोई बाधा न आए। जिलाधिकारी ने बताया कि 14 कोसी व पांच कोसी परिक्रमा मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी सशक्त बनाता है। मेले के दौरान स्थानीय व्यापारी, हस्तशिल्पकार और छोटे दुकानदार अपने उत्पादों को श्रद्धालुओं तक पहुंचाते हैं, जिससे उनकी आजीविका को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस आयोजन को सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में भी प्रचारित कर रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकें।
रेलवे क्रॉसिंग पर विशेष सतर्कता, पुलिस बल रहेगा 24 घंटे मुस्तैद
प्रशासन ने परिक्रमा मार्ग पर विशेष रूप से रेलवे विभाग से समन्वय किया है। रेलवे क्रॉसिंग जैसे संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। रेलवे को निर्देश दिए गए हैं कि परिक्रमा के दौरान ट्रेनें हॉर्न बजाकर सावधानीपूर्वक गुजरेँ। इसके साथ ही प्रमुख स्थानों पर 24 घंटे निगरानी के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा।
कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन से मिलेगी तुरंत मदद
किसी भी प्रकार की सूचना या सहायता के लिए कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु मोबाइल नंबर 9120989195 अथवा 05278-232043, 232044, 232046, 232047 पर संपर्क कर सकते हैं।
पांच स्थानों पर खोया-पाया केंद्र स्थापित
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांच प्रमुख स्थानों पर खोया-पाया केंद्र स्थापित किए गए हैं। बंधा तिराहा, तुलसी उद्यान, हनुमानगढ़ी, कोतवाली अयोध्या और सरयू आरती स्थल। इन केंद्रों की मदद से कई भूले-बिसरे लोगों को उनके परिजनों से मिलाया जा सकेगा।