जलालपुर अंबेडकर नगर। जलालपुर तहसील परिसर में शनिवार को लेखपाल संघ ने अपनी लंबित समस्याओं और आठ सूत्री मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों से लेखपाल तहसील पहुंचने लगे, जिसके बाद नारेबाजी के बीच संघ पदाधिकारियों ने सभा कर आंदोलन की रूपरेखा तय की।
धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ के अध्यक्ष जयकरन पाल ने कहा कि प्रदेश भर के लेखपाल वर्षों से पदोन्नति, वेतनमान सुधार, एसीपी विसंगति निस्तारण, भत्तों में बढ़ोतरी, पदनाम परिवर्तन तथा अन्तमण्डलीय स्थानांतरण जैसी प्रमुख मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्रशासन में लेखपालों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, फिर भी उनके हितों की लगातार उपेक्षा हो रही है।
अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा, आज का धरना मात्र चेतावनी है। यदि सरकार ने हमारी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। लेखपाल अब चुप नहीं बैठेंगे।
धरने में अन्य पदाधिकारियों ने भी कहा कि लेखपालों पर कार्यभार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाओं और पदोन्नति का मार्ग वर्षों से अवरुद्ध है। उनका कहना था कि मांगों के समाधान से न केवल लेखपालों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राजस्व कार्यों में भी तेजी आएगी।
धरने में अजय प्रताप, बृजेश वर्मा, विवेक यादव, रविकांत त्रिपाठी, धर्मेंद्र सिंह, जियाद अहमद, सूरज वर्मा, प्रदीप वर्मा, ममता सहित बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। धरना शांतिपूर्वक संपन्न हुआ, लेकिन लेखपालों ने साफ संकेत दिया कि अगला चरण और अधिक उग्र हो सकता है।