◆ हंसी से बढ़ती है सकारात्मक ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता: डॉ. मनदर्शन
अयोध्या। भागदौड़ और तनाव भरी जिंदगी में हंसी मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है। खुलकर हंसने से मन हल्का होता है, तनाव कम होता है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। यही वजह है कि हर साल मई माह में वर्ल्ड लाफ्टर मंथ मनाकर लोगों को हंसने और खुश रहने के लिए जागरूक किया जाता है।
यह बातें डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के आचार्य नरेंद्रदेव महिला छात्रावास सभागार में आयोजित मनोजागरूकता सत्र में मनोविशेषज्ञ डॉ. आलोक मनदर्शन ने कहीं। उन्होंने बताया कि चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन दिमाग में डोपामिन हार्मोन बढ़ाता है, जिससे सुकून, चुस्ती और काम करने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है। वहीं हंसी भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी भोजन की तरह काम करती है।
डॉ. आलोक ने कहा कि खुलकर हंसने से तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन कोर्टिसोल कम होता है, जबकि शरीर में खुशी और राहत देने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। इससे हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अवसाद, चिंता और अन्य कई बीमारियों में राहत मिलती है। उन्होंने प्रतिदिन 10 से 15 मिनट हंसने की आदत अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी बताया कि आज कॉमेडी शो, लाफ्टर क्लब और सोशल मीडिया पर हास्य सामग्री की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि लोग तनाव से राहत चाहते हैं। हालांकि बनावटी हंसी की तुलना में स्वाभाविक और बेबाक हंसी अधिक लाभकारी होती है।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. दीपशिखा चौधरी ने किया। अध्यक्षता छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. नीलम पाठक ने की। संचालन डॉ. महिमा चौरसिया ने किया। इस दौरान प्रो. संजय पाठक सहित कई शिक्षक और छात्राएं मौजूद रहीं।