अयोध्या। नगर निगम की ओर से मंगलवार को अयोध्या धाम जोनल कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित 25 प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। इनमें से 13 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 12 मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी एवं नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने स्वयं फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
सुबह 10 बजे शुरू हुई जनसुनवाई में आवासीय पैमाइश, सड़क निर्माण, बरसात के दौरान जलभराव, जल निगम द्वारा पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, मार्ग प्रकाश व्यवस्था तथा अतिक्रमण हटाने से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। महापौर ने प्रत्येक प्रार्थना पत्र का अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पंप लगाने तथा जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल पाइपलाइनों की नियमित जांच एवं आवश्यक मरम्मत कराने पर जोर देते हुए कहा कि दूषित पेयजल की आपूर्ति रोकना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिससे संक्रामक बीमारियों की आशंका को रोका जा सके।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडेय ने बताया कि जनसुनवाई में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, सुमित कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एम. शुक्ला, महाप्रबंधक जलकर सौरभ श्रीवास्तव, सहायक अभियंता राजपति यादव, भरत सिंह वर्मा, जोनल अधिकारी सुभाष त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।