अयोध्या। राजर्षि दशरथ राजकीय मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में एमबीबीएस छात्र की संदिग्ध मौत के लगभग एक वर्ष पुराने मामले की जांच अब नए सिरे से तेज हो गई है। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के निर्देश पर गठित जांच दल बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचा और घटना से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों तथा अन्य संबंधित लोगों से विस्तृत पूछताछ कर बयान दर्ज किए।
जांच दल का नेतृत्व रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा के प्राचार्य डॉ. सुनील कौशल ने किया। उनके साथ फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के सह आचार्य डॉ. मुकेश कुमार बंसल भी मौजूद रहे। टीम ने छात्रावास व्यवस्था, घटना की परिस्थितियों तथा पूर्व में हुई विभागीय जांच से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी जुटाई। फिलहाल जांच रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है।
गौरतलब है कि जौनपुर निवासी एमबीबीएस छात्र सागर पटेल का शव 22 अगस्त 2025 को मेडिकल कॉलेज के गंजा स्थित छात्रावास में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने आंतरिक स्तर पर पांच सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई थी, लेकिन मृतक के परिजनों ने जांच पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी।
बाद में मछलीशहर विधायक रागिनी पटेल तथा मुंगरा बादशाहपुर के विधायक पंकज पटेल ने भी मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर मृतक के पिता समर बहादुर पटेल न्यायालय की शरण में पहुंचे। न्यायालय के निर्देशों के बाद महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण ने इस प्रकरण की स्वतंत्र जांच बांदा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को सौंपी।
विभागाध्यक्षोंऔरवार्डनसेलीजानकारी
जांच दल के आगमन से पूर्व मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना से जुड़े प्रथम प्रोफेशनल के विभागाध्यक्षों, तत्कालीन जांच समिति के सदस्यों तथा पुरुष छात्रावास के वार्डन को उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। टीम ने सभी से अलग-अलग विस्तृत पूछताछ कर घटना से संबंधित तथ्यों की जानकारी जुटाई। सूत्रों के अनुसार तत्कालीन प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने अपना पक्ष लिखित रूप में भेजने के साथ ही जांच टीम से दूरभाष पर बातचीत भी की।
पितानेदोहराएगंभीरआरोप
मृतक छात्र के पिता समर बहादुर पटेल भी बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे और जांच दल के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने एक बार फिर तत्कालीन कॉलेज प्रशासन पर बेटे के साथ प्रताड़ना किए जाने तथा उसकी मौत की निष्पक्ष जांच न होने के आरोप लगाए। उन्होंने जांच टीम से पूरे मामले की गहन पड़ताल कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।