अयोध्या। कथित गलत उपचार के बाद एक युवक की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति ने जांच के क्रम में शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर लिया है और मामले से जुड़े तथ्यों का संकलन किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार मसौधा क्षेत्र के ग्राम सरैया निवासी दीपक ने अपने छोटे भाई दिनेश वर्मा की मौत के लिए कथित रूप से गलत इलाज को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिस व्यक्ति ने उपचार किया, वह बिना वैध चिकित्सकीय डिग्री और पंजीकरण के क्लीनिक का संचालन कर रहा है।
दीपक के अनुसार दिनेश वर्मा को पाइल्स की समस्या थी, जिसके उपचार के लिए उन्होंने मसौधा क्षेत्र स्थित एक निजी क्लीनिक का रुख किया। उनका आरोप है कि उपचार के दौरान कई इंजेक्शन लगाए गए, जिसके बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें सोहावल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने एमआरआई जांच कराने की सलाह दी। जांच में संक्रमण की पुष्टि होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ में उपचार के दौरान एक जुलाई को दिनेश की मृत्यु हो गई।
शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत स्थानीय थाना और स्वास्थ्य विभाग से की थी, लेकिन इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और वह अब भी क्लीनिक का संचालन कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि गठित जांच समिति सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जा चुका है और उपलब्ध अभिलेखों व अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।