अयोध्या। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद के तारुन और मयाबाजार विकासखंडों में 10 से 28 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लगभग 4.93 लाख लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव की दवा घर-घर जाकर स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में खिलाई जाएगी। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 87 सुपरवाइजर और 495 टीमें गठित की गई हैं। सभी ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वयं दवा सेवन कर कार्यक्रम की शुरूआत की जाएगी।
मंगलवार को सीएमओ सभागार में आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेन्द्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन की सबसे बड़ी चुनौती लोगों में दवा सेवन को लेकर फैली भ्रांतियां और संकोच हैं। कई लोग स्वयं को स्वस्थ मानकर दवा नहीं लेते, जबकि संक्रमण बिना लक्षण के भी फैल सकता है। उन्होंने कहा कि मीडिया के सहयोग से सही जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया जा सकता है।
सीएमओ ने बताया कि जनपद में वर्तमान में 1334 हाथीपांव और 11 हाइड्रोसील मरीज पंजीकृत हैं। यह बीमारी व्यक्ति को आजीवन प्रभावित करती है और परिवार की आजीविका पर भी असर डालती है। एसीएमओ एवं बीवीडी नोडल अधिकारी डॉ. पीसी भारती ने बताया कि 12.32 लाख डीईसी, 12.32 लाख आइवरमेक्टिन और 4.93 लाख एल्बेंडाजोल टैबलेट उपलब्ध कराई गई हैं। गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से छोटे बच्चों और गंभीर रोगियों को छोड़कर सभी को दवा दी जाएगी।
इसके अलावा 10 फरवरी को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस तथा 13 फरवरी को मॉप-अप राउंड आयोजित होगा। वहीं 16 से 27 फरवरी तक एमआर अभियान के तहत जिले के करीब 1.89 लाख बच्चों को खसरा-रूबेला वैक्सीन की अतिरिक्त डोज दी जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहे।