अयोध्या। चकबंदी कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पुराने लंबित वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई तहसीलवार समीक्षा बैठक में उन्होंने 10 वर्ष से अधिक और पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पांच वर्ष से अधिक पुराने वादों की प्रतिदिन सुनवाई कराई जाए। संबंधित पक्षकारों को अंतिम अवसर देते हुए नियमानुसार सुनवाई पूरी कर मामलों का निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित वादों को छह माह के भीतर हर हाल में निस्तारित कराया जाए। चकबंदी कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने जिला चकबंदी अधिकारी को सभी तहसीलों में चल रहे चकबंदी कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र और प्रभावित काश्तकारों को समयबद्ध न्याय उपलब्ध कराना है।
समीक्षा में चकबंदी अधिकारी रुदौली, बीकापुर और मिल्कीपुर के स्तर पर पुराने वादों के निस्तारण में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
डीएम ने रेस्टोरेशन की प्रक्रिया का अनावश्यक और बार-बार सहारा लेने से बचने तथा वादों का प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को भी कहा।