अम्बेडकर नगर। जिले में अवारा गोवंश की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. सिंह ने जानकारी दी कि जनपद में कुल 38 गोशालाएँ संचालित हैं, जिनमें 4985 गोवंश सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम सस्पना विकास खण्ड अकबरपुर, नगर पंचायत राजेसुल्तानपुर एवं ग्राम रामकोला विकास खण्ड रामनगर में वृहद एवं अस्थायी गो संरक्षण केंद्र निर्माणाधीन हैं, जिन्हें जल्द संचालित किया जाएगा।
ठंड के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सभी गोवंश आश्रय स्थलों पर त्रिपाल से शेड कवर कराए गए हैं तथा अलाव की व्यवस्था के निर्देश संबंधित सचिवों व ग्राम प्रधानों को जारी किए गए हैं। रात में गोवंश के लिए पराली को बिछावन के रूप में उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पशुओं को ठंड से सुरक्षा मिल सके।
छः दिसंबर को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई जनपद स्तरीय गोशाला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक के बाद सड़कों व गांवों में घूम रहे अवारा गोवंश को पकड़ने हेतु संयुक्त टीमों द्वारा विशेष अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत सात दिसंबर को विकास खण्ड कटेहरी में पांच गोवंश, जबकि आठ दिसंबर को इस्माईलपुर बेलदहा, विकास खण्ड टांडा से चार गोवंश पकड़कर गोशालाओं में सुरक्षित किया गया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने ग्रामवासियों व किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि अवारा गोवंश की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारी या पंचायत सचिव को दें, ताकि उन्हें सुरक्षित आश्रय स्थलों में भेजा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान निरंतर जारी रहेगा जिससे खेतों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित हो सके।