अम्बेडकर नगर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियाँ भारत लाने और उन्हें राष्ट्रीय सम्मान दिलाने के उद्देश्य से चल रहे अभियान को नई दिशा देने के लिए नेताजी सुभाष संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित पाण्डेय शुक्रवार को अपने गृह जनपद पहुँचे। जनपद पहुँचने के बाद अपने गाँव सिकन्दरपुर स्थित बाबा झारखंड महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात वे जिला मुख्यालय पहुंचे और प्रेस वार्ता कर अभियान की रूपरेखा और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
नई दिल्ली में 30 दिसंबर को होगा राष्ट्रीय न्याय-सम्मेलन
प्रेस वार्ता के दौरान अमित पाण्डेय ने बताया कि 30 दिसंबर को नई दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय न्याय-सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जापान के रेनकोजी मंदिर में सुरक्षित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों को भारत वापस लाकर त्रिवेणी संगम में राष्ट्र सम्मान के साथ प्रवाहित कराना है। उन्होंने कहा कि यह केवल संगठन का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं, अस्मिता और ऐतिहासिक न्याय से जुड़ा प्रश्न है।
जनपद से शुरू किया राष्ट्रीय आह्वान
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा, कि नेताजी का न्याय अधूरा है। इसे पूरा करना हमारा नैतिक दायित्व है। मैं चाहता हूँ कि इस राष्ट्रीय अभियान का संदेश मेरे अपने जिले से पूरे देश तक पहुँचे। उन्होंने जिला प्रशासन, बुद्धिजीवियों, युवाओं और नागरिकों से इस मुहिम में शांतिपूर्ण और सकारात्मक सहयोग की अपील भी की।
देशभर में चल रहा ‘लक्ष्य–न्याय’ अभियान
उन्होंने बताया कि एन एस एस पूरे देश में ‘लक्ष्य–न्याय’ अभियान के तहत नेताजी के सम्मान, युवा जागरूकता और ऐतिहासिक तथ्यों के प्रसार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नेताजी के न्याय व सम्मान को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाना है।