अयोध्या। रामनगरी में आज एक बार फिर इतिहास जीवंत हो उठा जब भरत मिलाप यात्रा धूमधाम से अयोध्या से रवाना हुई। भगवान श्रीराम को मनाने के लिए भरत चित्रकूट के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। यात्रा का शुभारंभ पारंपरिक रूप से मणिरामदास छावनी मंदिर से हुआ, जहां से यह यात्रा बीते 50 वर्षों से निरंतर निकलती आ रही है।
यात्रा में सैकड़ों की संख्या में संत–महात्मा, साधु–संत, रामभक्त और विभिन्न स्वरूप शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर स्वागत कर रहे हैं। अयोध्या से लेकर चित्रकूट तक यात्रा का हर पड़ाव भक्ति, प्रेम और उत्साह का प्रतीक बना हुआ है।
राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने बताया कि यह यात्रा पिछले पांच दशकों से देश की सामाजिक विषमताओं को समाप्त करने और राम जी के आदर्शों को जन–जन तक पहुंचाने का संदेश देती आ रही है। उन्होंने कहा — “भरत मिलाप यात्रा भाई से भाई के प्रेम, परिवार और समाज के एकता के भाव की प्रतीक है। यही सुखी और संगठित भारत का मूल मंत्र है।”
यात्रा में शामिल स्वरूपों में विशेष उत्साह देखने को मिला। एक स्वरूप ने भावुक होकर कहा — “हम भगवान राम को मनाने जा रहे हैं, और उन्हें लेकर लौटेंगे अयोध्या।”
रामनगरी से निकली यह पवित्र यात्रा भक्ति, प्रेम और आदर्शों के संगम का प्रतीक बनकर जनमानस को राम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रही है।