◆ कांवड़ यात्रा, झूला मेला और प्रमुख पर्वों पर अतिरिक्त पुलिस बल रहेगा तैनात
अयोध्या। श्रावण मास की शुरुआत के साथ अयोध्या में कांवड़ यात्रा और झूला मेले को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा योजना लागू कर दी है। अयोध्याधाम और नगर क्षेत्र को पांच जोन तथा 21 सेक्टर में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ बाहरी जनपदों से अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, एसडीआरएफ तथा त्वरित कार्रवाई दल (क्यूआरटी) की भी तैनाती की गई है।
इस वर्ष श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक चलेगा। पूरे माह कांवड़ यात्रा, सावन सोमवार, श्रावण शिवरात्रि, नागपंचमी, झूलोत्सव और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्वों पर लाखों श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन का विस्तृत खाका तैयार किया है।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा के सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। क्यूआरटी, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और निगरानी की बहुस्तरीय व्यवस्था लागू रहेगी। बाहरी जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने प्रमुख शिवालयों एवं मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की है। पार्किंग, यातायात और डायवर्जन योजना को अंतिम रूप दिया जा चुका है। आसपास के जिलों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार डायवर्जन लागू किया जाएगा। उनका कहना है कि उद्देश्य यही है कि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित वातावरण में दर्शन-पूजन कर सकें।
पांच जोन और 21 सेक्टर में सुरक्षा व्यवस्था
पूरे नगर क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से पांच जोन और 21 सेक्टर में विभाजित किया गया है। घाट क्षेत्र को दो सेक्टर, नागेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र को तीन सेक्टर, हनुमानगढ़ी क्षेत्र को चार सेक्टर, कनक भवन क्षेत्र को दो सेक्टर तथा यातायात व्यवस्था के लिए दस सेक्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक सेक्टर में नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस तथा बाहरी जिलों से आए पुलिस बल की तैनाती रहेगी।
सुरक्षा में रहेगा इतना पुलिस बल
श्रावण मेले के दौरान 13 निरीक्षक, 150 उपनिरीक्षक, 20 महिला उपनिरीक्षक, 650 हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल, 85 महिला कांस्टेबल, दो यातायात निरीक्षक, 34 यातायात उपनिरीक्षक तथा 210 यातायात पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा पीएसी की नौ कंपनियां, एसडीआरएफ की दो टीमें और एक त्वरित कार्रवाई दल (क्यूआरटी) भी हर समय सक्रिय रहेगा।
हर सोमवार और प्रमुख पर्वों पर विशेष निगरानी
श्रावण के प्रत्येक सोमवार, श्रावण शिवरात्रि, नागपंचमी और अन्य प्रमुख पर्वों पर अलग से राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों और चौकी प्रभारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंधन लागू रहेगा।
श्रावण मास के प्रमुख आयोजन
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30 जुलाई : श्रावण मास का शुभारंभ
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3 अगस्त : प्रथम सोमवार
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10 अगस्त : द्वितीय सोमवार
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11 अगस्त : श्रावण शिवरात्रि
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15 अगस्त : श्रावण झूला मेला, मणिपर्वत मेला एवं झूलोत्सव प्रारंभ
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17 अगस्त : तृतीय सोमवार एवं नागपंचमी
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19 अगस्त : गोस्वामी तुलसीदास जयंती
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23 अगस्त : सर्व पुत्रदा एकादशी, सरयू स्नान एवं पांच दिवसीय झूलोत्सव आरंभ
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24 अगस्त : चतुर्थ सोमवार
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26 अगस्त : श्रावण त्रयोदशी एवं शिवरात्रि प्रदोष
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28 अगस्त : श्रावण पूर्णिमा, रक्षाबंधन एवं मेले का समापन
प्रशासन का फोकस
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
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कांवड़ यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी
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पार्किंग और यातायात का विशेष प्रबंधन
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आवश्यकता पड़ने पर चरणबद्ध डायवर्जन लागू होगा
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सभी प्रमुख मंदिरों और शिवालयों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा
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सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी
