Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या सावन के तीसरे सोमवार पर शिव-राम की आराधना से गूंजी अयोध्या

सावन के तीसरे सोमवार पर शिव-राम की आराधना से गूंजी अयोध्या

0

◆ नागपंचमी और सोमवार के संगम पर शिवालयों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, राम मंदिर में भी दिखा उत्साह


अयोध्या सावन के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के पावन संयोग पर सोमवार को रामनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही सरयू तट और प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। सरयू में स्नान-ध्यान के बाद भक्तों ने शिवालयों का रुख किया। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से अयोध्या की गलियां गूंजती रहीं।

श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाने के बाद प्राचीन नागेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने की थी। नागपंचमी और सोमवार के एक साथ पड़ने के कारण मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध प्रवेश की व्यवस्था की गई।

नागेश्वरनाथ के अलावा क्षीरेश्वरनाथ, पंचमुखी महादेव, झारखंडेश्वर और रुद्रेश्वर महादेव समेत अन्य शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन कर सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और देश की खुशहाली की कामना की।


राम मंदिर में भी दिखा भक्ति का उत्साह



नागपंचमी के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भी श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। मुख्य मंदिर में माता सीता, भगवान श्रीराम और चारों भाइयों को चांदी के हिंडोले में विराजमान कराया गया। श्रद्धालुओं ने प्रभु को झूला झुलाया और जयकारे लगाए।

मुख्य मंदिर और परकोटे की दक्षिणी भुजा के मध्य स्थित शेषावतार मंदिर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। नागपंचमी पर शेषनाग के अवतार माने जाने वाले भगवान लक्ष्मण की विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर अपनी आस्था प्रकट की।


सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम


श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से व्यापक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की गई। प्रमुख मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। बैरिकेडिंग के साथ निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन में परेशानी न हो।

एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए थे। सावन सोमवार और नागपंचमी के इस पावन संयोग ने अयोध्या को दिनभर भक्ति और आस्था के रंग में रंगे रखा। सरयू तट से लेकर शिवालयों और राम मंदिर तक श्रद्धालुओं की मौजूदगी से रामनगरी का धार्मिक स्वरूप और भी जीवंत नजर आया।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version