◆ मीपरफ्लूथ्रिन युक्त अगरबत्तियों से स्वास्थ्य को खतरा
अम्बेडकर नगर। बाजार में अपंजीकृत ब्रांड की मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों की बिक्री और भंडारण को लेकर कृषि रक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जिले के नागरिकों से ऐसी अगरबत्तियों की खरीद और इस्तेमाल न करने की अपील की है। साथ ही विक्रेताओं को चेतावनी दी गई है कि जांच के दौरान इनका भंडारण या बिक्री मिलने पर कीटनाशक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी के अनुसार बाजार में स्वीट नाइट, डिनोसर और कंफर्ट आदि ब्रांड नाम से मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियां बेची जा रही हैं। इनमें अपंजीकृत कीटनाशक, विशेष रूप से मीपरफ्लूथ्रिन के अनधिकृत इस्तेमाल की बात सामने आई है। विभाग के मुताबिक केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति द्वारा इन उत्पादों को अगरबत्ती के रूप में मानव उपयोग के लिए पंजीकृत या स्वीकृत नहीं किया गया है।
धुएं से स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
अधिकारी ने बताया कि मीपरफ्लूथ्रिन युक्त धुएं के लगातार संपर्क में रहने से सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा, फेफड़ों से संबंधित संक्रमण और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर इसके धुएं का प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
केवल पंजीकृत उत्पादों का करें इस्तेमाल
विभाग ने आमजन से अपने और परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अपंजीकृत ब्रांड की मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों की खरीद और इस्तेमाल तत्काल बंद करने की अपील की है। नागरिकों से केवल केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड द्वारा पंजीकृत एवं स्वीकृत सीआईबी रजिस्टर्ड मच्छररोधी उत्पादों का ही प्रयोग करने को कहा गया है।
दुकानदारों को चेतावनी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कीटनाशक विक्रेताओं, किराना व्यापारियों और फुटकर दुकानदारों को ऐसे उत्पादों का भंडारण, प्रदर्शन और बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान किसी प्रतिष्ठान पर अपंजीकृत ब्रांड की अगरबत्तियों का भंडारण या बिक्री पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।