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एक शाम अटल के नाम– जलालपुर में काव्य और श्रद्धा का अनूठा संगम, दिग्गज कलाकारों से सजेगा मंच

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जलालपुर, अम्बेडकर नगर। राष्ट्रनायक, कवि हृदय और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति व उनकी अमर विरासत को केंद्र में रखते हुए जलालपुर शहर एक भव्य सांस्कृतिक आयोजन की तैयारी में जुटा है। सहचर सेवा संस्थान द्वारा आयोजित यह गरिमापूर्ण कार्यक्रम एक शाम अटल के नाम पर एक विशेष कवि सम्मेलन के रूप में 25 दिसंबर, मंगलवार की शाम स्थानीय रामलीला मैदान में आयोजित किया जाएगा। अटल की जयंती के पावन अवसर पर होने वाले इस आयोजन का समय शाम 5 बजे से तय किया गया है।

इस काव्य-संध्या का उद्देश्य अटल जी की लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट आस्था, उनकी मानवीय संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति समर्पण को कविता और शब्दों के माध्यम से पुनर्जीवित करना है। आयोजन में देश के जाने-माने कवि एवं कलाकार अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं का दिल जीतेंगे। मंच सजाएंगे डॉ. हरिओम पवार, सर्वेश अस्थान, अमन अक्षर, विकाश बोखाल, अभय निर्भीक और शशि श्रेया जैसे प्रतिष्ठित हस्तियाँ, जो अटल जी के जीवन दर्शन, उनकी कविताओं और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर केंद्रित मार्मिक एवं ओजस्वी प्रस्तुतियाँ देंगी।

कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए संस्थान के पदाधिकारियों ने हाल ही में एक विस्तृत तैयारी बैठक का आयोजन किया। संरक्षक एवं अयोध्या जिला प्रभारी डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी पहलुओं पर चर्चा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में शहर के कई गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों और संस्थान के सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

उपस्थिति सूची में संयोजक एवं जिला मंत्री पंकज वर्मा, वरिष्ठ नेता राम किशोर राजभर, अमित त्रिपाठी, शाश्वत मिश्र, संजीव मिश्र, अरुण मिश्र, विकास निषाद, माखनलाल निषाद, बेचन पांडे, मानिकचंद सोनी, सुरेश गुप्त, अनुज सोनकर, निर्भय दास, प्रवीण गौड, विनय पांडे, शीतल सोनी, आनंद मिश्र, मृदुल तिवारी, विपिन कन्नौजिया, आनन्द सिंह, कृष्ण अग्रहरि, राकेश पांडे, राघवेंद्र सिंह, मुकेश निषाद और सोनू गौड आदि का नाम शामिल रहा।

संस्थान के प्रवक्ता ने बताया कि यह आयोजन सिर्फ एक कवि सम्मेलन नहीं, बल्कि अटल जी के विचारों और आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम है। उम्मीद की जा रही है कि इस शाम शहरवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति से रामलीला मैदान काव्य और देशभक्ति की गूंज से गुलज़ार हो उठेगा।

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