जलालपुर, अम्बेडकर नगर। जलालपुर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित का कहना है कि न्याय पाने के लिए उन्हें पखवाड़ों तक तहसील के चक्कर लगाने पड़ते हैं और बिना रिश्वत दिए लेखपाल कोई भी कार्य नहीं करते।
ताजा मामला जलालपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम ताहापुर, थाना मालीपुर निवासी अनुराग से जुड़ा है। पीड़ित ने उप जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता को लिखित शिकायती पत्र देकर बताया कि उसके पिता अनिल कुमार, जिनके नाम ग्राम खतौनी दर्ज है, का निधन हो चुका है। पिता की मृत्यु के बाद वरासत दर्ज कराने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ नियमानुसार आवेदन किया गया।
आरोप है कि लिपिकीय त्रुटि के चलते खतौनी में पिता का नाम अनिल कुमार के स्थान पर अली कुमार दर्ज हो गया। इस गंभीर त्रुटि की जानकारी होने पर पीड़ित ने प्रमाणित दस्तावेजों के साथ हल्का के लेखपाल संतराज गौड को नाम शुद्ध कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इसके बावजूद बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित का आरोप है कि अंततः लेखपाल ने नाम संशोधन के बदले तीन हजार की रिश्वत की मांग की। अनुराग का कहना है कि वह गरीब परिवार से है और इतनी रकम देने में असमर्थ है, जिसके कारण अब तक खतौनी में दर्ज गलत नाम को सही नहीं किया गया। इससे उसे आए दिन सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
पीड़ित ने उप जिलाधिकारी से खतौनी में नाम शुद्ध कराने के साथ-साथ संबंधित लेखपाल के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जलालपुर के उप जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र के आधार पर जांच कराई जा रही है और नाम संशोधन की प्रक्रिया कराई जा रही है। प्रशासन के रुख के बाद अब देखना यह होगा कि लगाए गए गंभीर आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।