अयोध्या। मानसून से पूर्व शहर में जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने नालों की सफाई अभियान को तेज कर दिया है। नगर निगम कार्यालय में महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में नालों की सफाई कार्य की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी प्रमुख नालों की सफाई अगले एक सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान यदि किसी क्षेत्र में नालों की सफाई अधूरी रहने के कारण जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है तो संबंधित एजेंसी एवं सफाई कार्य से जुड़े जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने निर्माण और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण करने तथा सफाई कार्य की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
समीक्षा बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार नगर निगम क्षेत्र के 314 छोटे-बड़े नालों की सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें 21 बड़े, 125 मझोले और 168 छोटे नाले शामिल हैं। अब तक 77 नालों की सफाई पूरी की जा चुकी है, जबकि 86 नालों में सफाई कार्य जारी है। प्रगति पर चल रहे नालों की कुल लंबाई लगभग 15.54 किलोमीटर बताई गई।
बैठक में मानस भवन नाले की सफाई में आ रही समस्याओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कार्य में बाधा बनने वाले कारणों को तत्काल दूर कर सफाई अभियान में तेजी लाई जाए। वहीं साकेतपुरी नाले के संबंध में बताया गया कि लगभग 20 मीटर हिस्से में आवश्यक निर्माण एवं कनेक्टिविटी का कार्य शुरू कर दिया गया है।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित नालों की निगरानी का दायित्व अपर नगर आयुक्त भरत भार्गव को सौंपा गया है। उन्हें नियमित निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र, अधिशासी अभियंता दीपांकर सिंह, सहायक अभियंता राजपति यादव, भारत वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।