अयोध्या। तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा देने एवं निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के उद्देश्य से स्वयंसेवी संस्था जीबीटीसी ट्रस्ट द्वारा जिंगल बेल अकादमी में “प्रोजेक्ट सुपर 60” का आयोजन किया गया।
इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों से 60 प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जाता है। चयनित बच्चों को एक डिजिटल डिवाइस उपलब्ध कराई जाती है तथा उन्हें 11 महीनों तक प्रतिदिन 3 घंटे की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों को कक्षा 6 से 12 तक के निःशुल्क रेजिडेंशियल स्कूलों में प्रवेश के लिए तैयार करना है।
जीबीटीसी ट्रस्ट के डायरेक्टर सौमित्र दूबे ने बताया कि संस्था गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों के ज्ञान स्तर में सुधार कर उन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि देश की अग्रणी टेक्नोलॉजी संस्थाओं के सहयोग से बच्चों को विद्याज्ञान और नवोदय विद्यालय जैसी संस्थाओं में प्रवेश के लिए तैयार किया जा रहा है। यह कार्य संस्था की संस्थापिका किरण दीप संधू की प्रेरणा से अयोध्या जिले में पहले से संचालित है।
उन्होंने बताया कि जिले के लगभग 25 स्वयंसेवी शिक्षकों द्वारा बच्चों को 400 घंटे से अधिक की ऑनलाइन कक्षाएं प्रदान की जा चुकी हैं और यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। कोरोना काल से ही संस्था “प्रोजेक्ट इनेबल” और “सुपर 60+” के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध करा रही है।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य वी.के. जोशी ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए इसे विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण पहल बताया।