आलापुर, अंबेडकर नगर। आलापुर तहसील क्षेत्र के विभिन्न बाजारों में अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों का कारोबार दिन-दूना रात-चौगुना बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मिलीभगत से कई जगह बिना मानक और बिना अनुमति के क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। इन क्लीनिकों पर तब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती जब तक कोई बड़ी घटना सामने न आ जाए।
इसी क्रम में नगर पंचायत जहांगीरगंज में संचालित दिव्यांशु क्लिनिक एक बार फिर विवादों में आ गया है। रविवार को जहागीरगंज थाना क्षेत्र के केदरूपुर गांव निवासी राजकला पत्नी संदीप को प्रसव के लिए क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि लापरवाहीपूर्ण तरीके से इलाज और डिलीवरी कराने के कारण महिला की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। मृतका के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
बताया जाता है कि यह वही क्लीनिक है जहां वर्ष 2024 में भी राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के महारमपुर गांव निवासी शिवांगी पत्नी सोमवीर की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी। उस समय तत्कालीन सीएचसी प्रभारी जहागीरगंज उदय चंद यादव के नेतृत्व में जांच कर क्लीनिक के दो कमरे सील किए गए थे और स्थानीय थाना जहागीरगंज में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इसके बावजूद बाद में क्लीनिक के संचालन की दोबारा कोई प्रभावी जांच नहीं की गई।
रविवार को फिर से हुई महिला की मौत के बाद परिजनों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई और दिव्यांशु क्लीनिक को पुनः सील कर दिया गया।
इस संबंध में जहागीरगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. कमलेश चौधरी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया है और मामले में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई अवैध क्लीनिक खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जिन पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है।