अयोध्या। देश के प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक एवं गेहूं के ख्यात अभिजनक डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) का कुलपति नियुक्त किया है।
डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में राष्ट्रीय पादप आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो (NBPGR) के निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 28 अक्टूबर 2022 को इस पद का कार्यभार ग्रहण किया था। इससे पूर्व वे वर्ष 2016 से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अंतर्गत भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल के निदेशक के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
गेहूं फसल के क्षेत्र में उनके योगदान को विशेष रूप से सराहा जाता है। डॉ. सिंह अब तक 27 उन्नत गेहूं किस्मों का विकास कर चुके हैं, जो उत्पादन क्षमता, रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। कृषि अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिए उन्हें दर्जनों राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
वर्ष 2025 में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कृषि विज्ञान में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार’ के अंतर्गत ‘विज्ञान श्री’ से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्हें वर्ष 2016 का पाल स्वर्ण पदक, राव बहादुर विश्वनाथ स्मारक पुरस्कार, वर्ष 2014 का वी.एस. माथुर स्मारक पुरस्कार, भारतीय आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन सोसायटी, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2019 का एआईएसए राष्ट्रीय पुरस्कार (कृषि में उत्कृष्ट नेतृत्व हेतु) तथा युवा किसान संघ द्वारा सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
नवनियुक्त कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में भारतीय वैज्ञानिकों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए इंग्लैंड दौरे पर हैं। वे 13 फरवरी को भारत लौटने के बाद विश्वविद्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे। उनकी नियुक्ति से विश्वविद्यालय में शोध, नवाचार एवं अकादमिक गुणवत्ता को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।