अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि पर होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं की सुविधा और आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए शहर में 16 स्थानों पर अस्थायी उपचार केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर जिले के 27 डॉक्टरों के साथ मंडल के अन्य जनपदों से आए 32 चिकित्सकीय कर्मी तैनात रहेंगे।
स्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार ये शिविर 22 नवंबर से 26 नवंबर तक संचालित होंगे। रामजन्मभूमि परिसर में चार चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं, जबकि अन्य केंद्र कंट्रोल रूम, हनुमानगढ़ी मंदिर, कंचन भवन, अशर्फी भवन, लता मंगेशकर चौक, हनुमान गुफा, एयरपोर्ट, बाग बिजैसी, साकेत डिग्री कॉलेज, कनक भवन परिसर, रामसेवकपुरम और वैदेही भवन में बनाए जाएंगे।
सुव्यवस्थित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर्स, फार्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, 22 सुरक्षा गार्ड और लगभग 20 एंबुलेंस भी तैनात रहेंगी। इनमें से 10 एंबुलेंस 108 सेवा की होंगी, जबकि चार एलएस एंबुलेंस मौके पर तैयार रहेंगी। बाराबंकी, अम्बेडकरनगर, सुल्तानपुर और अमेठी जनपदों से अतिरिक्त स्वास्थ्यकर्मी और एंबुलेंस भी बुलाए गए हैं। इसके साथ ही देवीपाटन और बस्ती मंडल से भी चार-चार एंबुलेंस की सहायता ली जा रही है।
किसी भी आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले के तीन प्रमुख अस्पतालों में कुल 50 बेड सुरक्षित रखे गए हैं। इसमें राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में 20-20 बेड तथा श्रीराम अस्पताल में 10 बेड रिजर्व किए गए हैं।
ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे सतर्क मोड में है। तैयारियों की समीक्षा उच्च अधिकारी लगातार कर रहे हैं ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय असुविधा न हो।