अयोध्या। दीपोत्सव 2025 की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। गुरुवार को अयोध्या के एमबीए विभाग में स्वयंसेवकों और शिक्षकों का संकायवार प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। वाणिज्य एवं प्रबंधन संकायाध्यक्ष प्रो. शैलेंद्र वर्मा के स्वागत उद्बोधन के बाद पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन और वीडियो के जरिए दीप सज्जा, प्रबंधन और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि सरयू घाटों पर दीपकों को 4.5X4.5 वर्ग फीट के ब्लॉक में 16×16 संख्या में सजाना है। हालांकि विशेष परिस्थिति में यह संख्या 14×14 अथवा 12×12 भी की जा सकती है। तेल की बर्बादी रोकने और दीपों में तेल की क्षमता संतुलित रखने पर खास जोर दिया गया। स्वयंसेवकों को ढीले कपड़े न पहनने और सूती वस्त्र धारण करने की सलाह दी गई।
दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. एस.एस. मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “19 अक्टूबर को हम सभी को नवम दीपोत्सव मनाने का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। घाटों पर दीप सजाने का कार्य 16 अक्टूबर से प्रारंभ होगा, जबकि दीप पहुंचाने की प्रक्रिया 15 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी।” उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि ‘रामकाज’ है। उन्होंने श्रीरामचरितमानस की चौपाई का उल्लेख करते हुए सभी से अधिकतम पुरुषार्थ लगाने की अपील की, ताकि इस बार 26 लाख से अधिक दीपों को जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जा सके।
प्रशिक्षण समिति के सदस्य अनुराग सोनी, आलोक तिवारी एवं गायत्री वर्मा ने प्रशिक्षण सम्पन्न कराया। कार्यक्रम में डॉ. निमिष मिश्रा, पावनी रस्तोगी, श्याम श्रीवास्तव, अनुराग तिवारी समेत संकाय के सभी शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में डॉ. अंशुमान पाठक ने आभार व्यक्त किया।