◆ अवध विश्वविद्यालय में विश्व ओजोन दिवस पर संगोष्ठी आयोजित
अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में सोमवार को विश्व ओजोन दिवस पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने ओजोन परत के महत्व और संरक्षण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। मुख्य वक्ता प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल ने कहा कि “ओजोन परत का क्षरण मानवता के लिए बड़ा खतरा है। युवाओं की भागीदारी ही पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित कर सकती है।”
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने वर्ष 2025 की थीम “फ्रॉम ग्लोबल साइंस टू एक्शन” पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ओजोन परत और जलवायु संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हैं। उन्होंने सामूहिक प्रयासों से पर्यावरणीय संकट का समाधान करने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग ही पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने का मार्ग है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
विशेष वक्ता व अंटार्कटिका यात्री डॉ. रुद्र प्रताप सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ओजोन परत पृथ्वी का सुरक्षा कवच है। हमें हानिकारक रसायनों जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन के प्रयोग को कम करना होगा। उन्होंने छात्रों से पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने ओजोन परत संरक्षण पर अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत की। विजेताओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. शाजिया, डॉ. शशिकांत शाह, डॉ. अरविंद, डॉ. संजीव श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। आयोजन ने छात्रों व शोधार्थियों को ओजोन परत संरक्षण की दिशा में संवेदनशील बनाने का कार्य किया।