जलालपुर, अंबेडकर नगर। जलालपुर नगर पालिका क्षेत्र से होकर बहने वाली तमसा नदी के तट पर नियमों को ताक पर रखकर तेजी से पक्के और स्थायी निर्माण कराए जा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब एनजीटी और शासन के निर्देशानुसार नदी की मध्य धारा से 100-100 मीटर तक के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त घोषित किया गया है और वहां किसी भी प्रकार के पक्के निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग द्वारा पहले ही उक्त क्षेत्र की पैमाइश कर चिन्हांकन कर लिया गया था। इसके बावजूद कुछ स्थानीय लोग हल्का लेखपाल और नगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से बिना नक्शा पास कराए बहुमंजिला इमारतें खड़ी कर रहे हैं। यह गतिविधि तमसा नदी के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर रही है, साथ ही शासन की मंशा और प्रशासन की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लगा रही है।
तमसा श्रेष्ठ ट्रस्ट के प्रमुख केशव प्रसाद श्रीवास्तव सहित कई समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने इस मामले में कई बार नगर पालिका और राजस्व विभाग को लिखित व मौखिक शिकायतें सौंपी हैं। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की ओर से कभी-कभी नोटिस जारी कर औपचारिकता निभाई जाती है, लेकिन निर्माण कार्य निर्बाध गति से जारी हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की यह निष्क्रियता और चुप्पी सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और मिलीभगत की ओर इशारा करती है। इस संबंध में उप जिलाधिकारी पवन कुमार जायसवाल ने बताया कि अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी किया गया है और नगर पालिका को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।