अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव के बाद अब 14 कोसी व 5 कोसी परिक्रमा और कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारियां पूरी रफ्तार पर हैं। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशीलकुमारबानियान ने बताया कि उपमुख्यचिकित्साअधिकारीडॉ. राममणिशुक्ला को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। परिक्रमा मार्गों पर स्थाई व अस्थाई चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस सेवा, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव की व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।
स्थाईचिकित्साव्यवस्था
स्वशासी राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर में 20 बेड, जिला चिकित्सालय (पुरुष) में 20 बेड और श्रीराम चिकित्सालय में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 11 एम्बुलेंस विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगी।
अस्थाईउपचारकेंद्र
14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर 16 अस्थाईउपचारकेंद्र बनाए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से — श्रीराम जन्मभूमि निकास द्वार, हनुमानगढ़ी, पक्का घाट (10 बेड का अस्थाई चिकित्सालय), हनुमानगुफा, मौनीबाना, हलकारा का पुरवा, दर्शननगर, अचारी का सगरा, जनौरा, गुप्तार घाट, अफीमकोठी, अमानीगंज, ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा और अनकी घाट शामिल हैं।
5 कोसी परिक्रमा के लिए 11 उपचारकेंद्र बनाए गए हैं, जैसे श्रीराम जन्मभूमि निकास द्वार, पक्का घाट (8 बेड का चिकित्सालय), मौनीबाबा, चूड़ामणि चौराहा, उदया चौराहा और झुनकी घाट। कार्तिक पूर्णिमा मेला क्षेत्र में 15 प्राथमिकउपचारकेंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें कंट्रोल रूम (साकेत डिग्री कॉलेज), नागेश्वरनाथ मंदिर, साकेत पेट्रोल पंप, टेढ़ी बाजार, अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड, कनक भवन मंदिर, दशरथ महल और अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन शामिल हैं।
एम्बुलेंसवनियंत्रणकक्षकीव्यवस्था
आपातकालीन स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता के लिए 11 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। मेला क्षेत्र में एक नियंत्रणकक्ष (Control Room) भी स्थापित होगा, जहां से सभी चिकित्सा और आपदा सेवाओं का संचालन किया जाएगा।
रोगनियंत्रणवस्वच्छताअभियान
डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रतिदिन शाम 6 से 8 बजेतकफॉगिंग और नालियों में एंटी–लार्वाछिड़काव किया जाएगा। सभी चिकित्सा केंद्रों पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहेंगी।
जिला प्रशासन ने सभी विभागों को नोडल अधिकारी नामित करने और समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि परिक्रमा और कार्तिक पूर्णिमा मेला बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।