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भ्रूण परीक्षण के बाद गर्भपात का आरोप, महिला की मौत; निजी अस्पताल पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग

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बसखारी, अम्बेडकर नगर। गर्भपात के बाद इलाज के दौरान महिला की मौत हो जाने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। मृतका के परिजनों ने निजी नर्सिंग होम के संचालक और कर्मचारियों पर लापरवाही व हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।

जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के मटिया महमूदपुर गांव निवासी सुमन (30) पत्नी पंकज का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसखारी में चल रहा था। परिजनों के अनुसार सुमन की पहले से दो पुत्रियां थीं। मृतका के भाई संजय यादव ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि पुत्र की चाहत का लाभ उठाकर सीएचसी में कार्यरत आशा कार्यकर्ता अनुराधा ने सुमन को भ्रूण परीक्षण कराने और गर्भ में कन्या होने की जानकारी मिलने के बाद गर्भपात कराने के लिए बसखारी स्थित जय इंदिरा नर्सिंग होम भेजा। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता का देवर भी उक्त नर्सिंग होम में कार्यरत है।

परिजनों का कहना है कि बीते चार जुलाई को नर्स रीता कनौजिया ने आशा कार्यकर्ता अनुराधा और मयंक की मौजूदगी में गर्भपात किया। इस दौरान सुमन की हालत गंभीर हो गई। इसके बाद उसे पांच जुलाई को न्यू सिटी हॉस्पिटल, अकबरपुर ले जाया गया। वहां से हालत बिगड़ने पर छः जुलाई को मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया। बाद में परिजन उसे महामाया मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर लेकर पहुंचे, जहां सात जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर रोते-बिलखते बसखारी पहुंचे और जय इंदिरा नर्सिंग होम के संचालक व कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। मामले को लेकर क्षेत्र में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।

थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।


अवैध अस्पतालों पर फिर उठे सवाल


इस घटना के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की कथित मिलीभगत से कई अस्पताल बिना मानकों के संचालित हो रहे हैं। किसी घटना के बाद कार्रवाई के नाम पर अस्पताल सील तो कर दिए जाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद दूसरे नाम से उनका संचालन फिर शुरू हो जाता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जय इंदिरा नर्सिंग होम का संचालन पहले कथित तौर पर ‘आरो मल्टीप्ल हॉस्पिटल’ के नाम से किया जाता था। बताया जाता है कि वहां भी सीजेरियन डिलीवरी के दौरान एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील किया था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

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