अम्बेडकर नगर। सरकार द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना ग्रामीण किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। आधुनिक तकनीक और सरकारी सहयोग से जिले के किसानों ने परंपरागत खेती छोड़ बागवानी की ओर कदम बढ़ाया है, जिससे उनकी आय में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की जा रही है।
विकास खंड भीटी के ग्राम पिगरियांवा निवासी किसान देवनरायण पाण्डेय ने टिश्यूकल्चर केला जी-9 प्रजाति की खेती कर महज 14 महीनों में लगभग 27 लाख रुपये की शुद्ध कमाई कर मिसाल कायम की है। तीन हेक्टेयर भूमि में 9270 पौधों का रोपण कर उन्होंने करीब 37 लाख रुपये की सकल आय अर्जित की, जबकि कुल लागत लगभग 10 लाख रुपये रही। उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में ड्रिप सिंचाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और वैज्ञानिक तकनीकों के प्रयोग से फसल पूरी तरह रोगमुक्त रही।
इसी क्रम में टांडा ब्लॉक के इस्माइलपुर निवासी किसान चंद्रेश वर्मा ने स्ट्रॉबेरी और शिमला मिर्च की खेती से समृद्धि की नई कहानी लिखी है। एक हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप व मल्चिंग तकनीक से की गई स्ट्रॉबेरी की खेती से अब तक ढाई लाख रुपये की बिक्री हो चुकी है। स्ट्रॉबेरी की बाजार कीमत 270 से 350 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है। अनुमान है कि इस फसल से 20 से 25 लाख रुपये तक का लाभ होगा। उनकी उपज लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर जैसे बड़े बाजारों में भेजी जा रही है।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि एम आई डी एच योजना किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में प्रभावी कदम है। जिला उद्यान अधिकारी धर्मेंद्र चंद्र चौधरी ने बताया कि आधुनिक तकनीक अपनाकर कम समय में अधिक लाभ संभव है। इन सफल प्रयोगों से जिले के अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और बागवानी की ओर रुझान बढ़ रहा है।