अयोध्या । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मणिरामदास छावनी के महंत एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज के 88वें जन्मोत्सव समारोह में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी अयोध्या में रामलला के दर्शन तक करने नहीं आए, वे आज रामभक्ति की बात कर रहे हैं। अयोध्या धाम और श्रीराम जन्मभूमि को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश रची जा रही है, जिसकी जांच के लिए गठित एसआईटी दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब-जब भारत ने विकास और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया है, तब-तब राष्ट्रविरोधी शक्तियों ने देश को बदनाम करने और विकास की गति रोकने का प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या और श्रीराम जन्मभूमि की परंपरा को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुंभ का प्रभारी ऐसे व्यक्ति को बनाया गया था जो भारत माता का अपमान करता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग दोपहर 12 बजे सोकर उठते हैं, वे तीर्थ की महिमा और सनातन धर्म के महत्व को नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपने शासनकाल में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और ‘जय श्रीराम’ बोलने वालों पर लाठियां बरसाईं, वही आज रामभक्ति का दावा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी का गठन किया है। उन्होंने लोगों से धैर्य रखने और किसी भी षड्यंत्र का हिस्सा न बनने की अपील करते हुए कहा कि जांच पूरी होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी।
कुंभ आयोजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपरा में संगम पर संत और सफाईकर्मी दोनों समान रूप से स्नान करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कुंभ को अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का केंद्र बना दिया था, जबकि आज अयोध्या विश्वभर में आस्था और विकास का प्रतीक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या का नाम सुनते ही लोगों के मन में श्रद्धा का भाव जागृत होता है। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रभु श्रीराम की कृपा को दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार धर्म और राष्ट्रहित के संरक्षण के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने स्वयं हनुमानगढ़ी और राममंदिर जाकर दर्शन किए और वहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी।
इस अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान रामकथा मर्मज्ञ स्वामी मिथिलेश नंदिनी शरण दास जी महाराज, जगद्गुरु रामानुजाचार्य, स्वामी विद्याभास्कर जी महाराज, महंत कमल नयन दास, स्वामी रामानंदाचार्य, जगद्गुरु कृष्णाचार्य, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा सहित अनेक संत, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।