अयोध्या । रामपथ पर रामायण के प्रसंग जीवंत हो उठे। ढोल-नगाड़ों की गूंज, लोक कलाकारों की थिरकन और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच रथों पर सजी भव्य झांकियां आगे बढ़ीं तो रामनगरी का वातावरण भक्तिमय हो गया। कहीं प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के दिव्य स्वरूप नजर आए तो कहीं गदा उठाए बजरंगबली का पराक्रम आकर्षण का केंद्र बना। रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियों के सजीव मंचन ने श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की स्मृतियों से जोड़ दिया। दसवें दीपोत्सव के अवसर पर निकली शोभायात्रा में आस्था, संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिला।
शोभायात्रा में महिला कलाकारों ने कंधों पर ढोल रखकर पारंपरिक धुनों पर थाप दी। नगाड़ों और ताशों की गूंज के बीच कलाकारों के करतब और विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों ने रामपथ को सांस्कृतिक उत्सव के विराट मंच में बदल दिया। रामायण के प्रसंगों को साकार करती झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामपथ पर जुटे। प्रभु श्रीराम के स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा मार्ग गूंजता रहा।
पर्यटन मंत्री ने दिखाई हरी झंडी, तीन किलोमीटर का सफर तय कर रामकथा पार्क पहुंची शोभायात्रा

साकेत महाविद्यालय से पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब तीन किलोमीटर का सफर तय कर शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। इस बार शोभायात्रा में 21 भव्य झांकियां शामिल की गईं। इनमें 14 झांकियां योगी सरकार की उपलब्धियों और सात झांकियां रामायण के सातों कांडों पर आधारित रहीं।
