अयोध्या। संसद परिसर में कांग्रेस सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अयोध्या में राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। समाजवादी पार्टी द्वारा भाजपा पर लगाए गए आरोपों के बाद भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि सनातनकेअपमानपरशामिल सपाअबराजनीति कररही है। समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग और सांसद अवधेश प्रसाद के पोस्टर पर जूते-चप्पल चलाए जाने को दलित समाज से जोड़ने के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
विधायक वेदप्रकाशगुप्ता ने कहा कि सनातन आस्था का अपमान करने वालों के पक्ष में खड़ी समाजवादी पार्टी अब राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी व्यक्ति या समाज विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और संत समाज के सम्मान के पक्ष में खड़ी है।
महापौर महंत गिरीशपतित्रिपाठी ने कहा कि विपक्ष धार्मिक आस्थाओं से जुड़े विषयों पर राजनीति कर समाज में वैमनस्य फैलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि सांसद जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं उनका आचरण भी उसकी महिमा और गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। अयोध्या की जनता ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देगी और सनातन के सम्मान के साथ खड़ी रहेगी।
भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेशश्रीवास्तव ने कहा कि सपा के आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीतिक प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि दलित समाज का नाम लेकर भावनाएं भड़काने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि भाजपा सभी वर्गों के सम्मान और विकास के लिए समान रूप से कार्य कर रही है।
भाजपा महानगर महामंत्री शैलेन्द्रकोरी ने कहा कि विरोध को जातिगत रंग देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह विरोध किसी व्यक्ति या समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं के अपमान के विरोध में था। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए समाज को बांटने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता ऐसे प्रयासों को समझ चुकी है।