अयोध्या। संत श्री तुलसीदास रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीलामहोत्सव 20 सितंबर से प्रारंभ होकर 4 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन स्थल के रूप में इस बार भी भगवदाचार्यस्मारकसदन को चुना गया है। रामलीला समिति की बैठक बड़ा भक्तमाल में आयोजित की गई, जिसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पदाधिकारियों ने विस्तृत जानकारी साझा की। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी भगवान राम के जीवन प्रसंगों का दिव्य मंचन होगा। विशेष आकर्षण यह रहेगा कि इस बार मध्यप्रदेशकेखजरुईतालकीमंडली रामलीला का मंचन करेगी।
रामलीला समिति के अध्यक्ष महंत अवधेश दास ने कहा कि अयोध्या की धरती सदैव से रामलीला की समृद्ध परंपरा की साक्षी रही है। भक्तों के लिए यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव ही नहीं बल्कि भक्ति, आस्था और आदर्शों से जुड़ने का एक अद्वितीय अवसर भी है।
बैठक में महामंत्री महंत संजय दास, रसिक पीठाधीश्वर महंत जन्मेजय शरण, जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी राघवाचार्य, महंत हेमंत दास, शिवम श्रीवास्तव सहित समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंचन के दौरान भगवान राम के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसे देखने के लिए दूर-दराज़ से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है।