जलालपुर, अंबेडकर नगर। आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां इंदिरा मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। फॉरेंसिक और सर्विलांस टीम के साथ अन्य पुलिस टीमों को भी जांच में लगाया गया है। इस बीच 29 अगस्त को होने वाले तेरहवीं संस्कार के बाद मामले के पर्दाफाश की चर्चाएं क्षेत्र में तेज हो गई हैं।
16 अगस्त की सुबह इंदिरा मिश्रा घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थीं। घटना के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था, जहां बिसरा सुरक्षित किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीजी प्रवीण कुमार, आईजी अयोध्या जोन सोमेन वर्मा समेत जिले के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया था और जांच के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए थे।
घटना के राजफाश के लिए फॉरेंसिक टीम के अलावा सर्विलांस और अन्य पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। हालांकि अभी तक पुलिस की ओर से किसी आरोपी के नाम का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं। कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियां भी जांच के दायरे में आने की बात सामने आ रही है। पुलिस संभावित कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हालांकि अधिकारी इस संबंध में फिलहाल कुछ भी स्पष्ट बताने से बच रहे हैं।
तेरहवीं के बाद खुलासे की चर्चा
इंदिरा मिश्रा का तेरहवीं संस्कार 29 अगस्त शनिवार को होना है। इसके बाद पुलिस द्वारा मामले का पर्दाफाश किए जाने की चर्चाएं क्षेत्र में जोर पकड़ रही हैं। हालांकि पुलिस की ओर से ऐसी किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना को लेकर लोगों में भी लगातार जिज्ञासा बनी हुई है और अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच तथा संभावित खुलासे पर टिकी हैं।