अयोध्या। रामनगरी में छठमहापर्व की धार्मिक आभा चरम पर है। रविवार को सरयू तट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए, जहां डूबतेसूर्यकोअर्घ्य देने का पावन दृश्य श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत दिखाई दिया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में निर्जला व्रत रखकर भगवानसूर्यऔरछठीमैया से अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नयाघाट, जानकीघाट, लछमनघाट, रामघाटऔरगुप्तारघाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालु सरयू स्नान कर सूर्यदेव की उपासना में लीन रहे। पारंपरिक गीतों और पूजा-सामग्री से सजे घाटों पर आस्था का ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने पूरे वातावरण को भक्ति से सराबोर कर दिया।
नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा घाटों को दीपों, झालरों और फूलों से सजाया गया है। व्रती महिलाओं के लिए विशेष पूजाबेदी बनाई गई है ताकि वे सुरक्षित और सुगमता से अर्घ्य अर्पित कर सकें। पुलिस, गोताखोर और राहत दल लगातार मुस्तैद हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए एनडीआरएफऔरजलपुलिस को भी तैनात किया गया है।
चार दिवसीय छठ पर्व के अंतिम दिन सोमवार की सुबह व्रती महिलाएं उदयमानसूर्यकोअर्घ्य अर्पित करेंगी। इसके साथ ही छठ महापर्व का समापन होगा। इससे पहले नहाय-खाय, खरना और संध्या अर्घ्य की परंपराएं पूरी की जा चुकी हैं।
अयोध्या के घाटों पर इस समय भक्ति, संगीतऔरलोकपरंपराकाअनोखासंगम देखने को मिल रहा है। छठ गीतों की मधुर गूंज और जल में उठते दीपों की झिलमिलाहट ने रामनगरी को पूरी तरह आस्थाऔरसंस्कारकेरंगमेंरंगदियाहै।