Thursday, June 18, 2026
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उद्योग-शिक्षा के समन्वय से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना: गौतम घोष


◆ अवध विश्वविद्यालय मेंविकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेशविषय पर संगोष्ठी, विशेषज्ञों ने रखे विचार


अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंध एवं उद्यमिता विभाग की ओर से गुरुवार को “विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश : 12 वर्षों की सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, नवाचार और युवाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्य अतिथि यश पक्का लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक गौतम घोष ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने औद्योगिक विकास, आत्मनिर्भरता, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि एवं एनटीपीसी टांडा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीषा पाण्डेय ने स्वास्थ्य सेवाओं में हुए बदलाव, डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने युवाओं से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सामाजिक दायित्वों के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब शिक्षा, कौशल, नवाचार और उद्यमिता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. नीलम पाठक ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। ज्ञान, कौशल, नैतिक मूल्यों और सामाजिक संवेदनशीलता से परिपूर्ण युवा ही देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

अध्यक्षीय संबोधन में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समावेशन, सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी इसकी अनिवार्य शर्तें हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आधारभूत संरचना, निवेश, पर्यटन, कृषि और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है तथा विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।

संगोष्ठी में डॉ. आशुतोष कुमार पाण्डेय, डॉ. शिरीष अस्थाना, डॉ. अंकिता यादव, डॉ. पवन कुमार, श्री श्याम श्रीवास्तव और श्री सूरज सिंह सहित विभाग के शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राकेश कुमार ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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